
योगेश शर्मा नाम ही काफी है सत्यमेव जयते
*नई परिवहन नीति के तहत अब परिवहन विभाग को मिलेगा ब्रह्मास्त्र फर्जी पत्रकारों और ब्लैकमेलरों की अब आएगी शामत ईमानदार परिवहन स्टाफ को नहीं कर सकेंगे ब्लैकमेल*
जी हां ये बात बिल्कुल 100% सत्य है क्योंकि अब मध्यप्रदेश परिवहन विभाग पूर्ण। रूप से आधुनिकीकरण कि ओर अग्रसर होता जा रहा है और इसका लाभ परिवहन विभाग मैं पदस्थ जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारी एवं स्टाफ को जरूर होगा क्योंकि हमने और आपने आए दिन देखा होगा कि कई ब्लैक मेलर और फर्जी टाइप के पत्रकार आए दिन किसी न? किसी परिवहन चेकिंग प्वाइंट पर जाकर वहां मौजूद परिवहन स्टॉफ को वीडियो बनाकर उनसे महीना वसूली की मांग आए दिन करता है और अगर कोई भी परिवहन स्टाफ अगर उनको इस। कार्य को करने से रोकता है तो वे टुच्चे टाइप के पत्रकार उनकी उल्टे सीधी वीडियो बनाकर। उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि मध्यप्रदेश। के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी द्वारा एवं परिवहन विभाग के नवागत आयुक्त विवेक शर्मा जी।के मार्गदर्शन से परिवहन विभाग को पूर्ण रूप से आधुनिकरण एवं पारदर्शिता के साथ संचालन करने की पूरी योजना बन चुकी है। इस योजना के तहत वे परिवहन विभाग में पदस्थ। जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले स्टाफ को बॉडीबॉन। कैमरा से लैस करके जमीनी स्तर का कार्य एवं नियमानुसार चालानी कार्रवाई के लिए सड़कों पर उतार दिया है। बॉडीवोन कैमरा एक ऐसी डिवाइस है जिससे परिवहन विभाग स्टाफ।
उसे पहनकर अपने आस-पास चल रही घटना को रिकॉर्ड कर सकता है। चाहे वह ट्रक संचालक हो या फिर ट्रांसपोर्ट यूनियन का फर्जी दलाल जो परिवहन चेकिंग प्वाइंट पर खड़े होकर दलाली करते हैं इन सबकी वीडियो और इन सबकी हरकतें सीधा उस बॉडीवौन कैमरा में लाइव रिकॉर्ड होता रहेगा। इस रिकॉर्ड को भोपाल में बैठे हुए परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अपने कंट्रोल। एंड कमांड सेन्टर में बैठ कर।
देखते रहेंगे और अगर भूल से भी कोई भी फर्जी टाइप के लोग क्या ब्लैक मेलर टाइप के कुछ पत्रकार? अगर परिवहन स्टाफ को उनके कार्य करने पर ब्लैकमेल करेंगे तो उनका वीडियो बॉडीबोन कैमरा के माध्यम से। सीधा भोपाल तक दिखेगा जिसके बाद उन ब्लैक मेलरों की शामत आने में कोई दोराय नहीं है और उन पर तत्काल प्रभाव से एफआईआर हो जाएगी।
*पूर्व एडिशनल ट्रांसपोर्ट आयुक्त उमेश जोगा ने शुरू की थी पारदर्शिता की पहल एवं वर्तमान ट्रांसपोर्ट आयुक्त विवेक शर्मा उस पहल को इतिहास में बदल दिया काबिले। तारीफ कार्य*
जी हाँ इस बात को कहने में हमें बड़ा गर्व महसूस होता है कि आज परिवहन विभाग मध्य प्रदेश के टॉप 10 ईमानदारी वाले विभागों में उच्च स्तर पर आने लगा है पर इसका मुख्य कारण है वर्तमान ट्रांसपोर्ट आयुक्त विवेक शर्मा जी शानदार कार्यशैली एवं इस पारदर्शिता एवं गुजरात मॉडल की नींव रखने वाले पूर्व एडिशनल ट्रांसपोर्ट आयुक्त उमेश जोगा जी इन दोनों अधिकारियों की जितनी। तारीफ की जाए उतनी कम है लेकिन हम तो पत्रकार हैं हम न। किसी की तारीफ करते न किसी की बुराई करते लेकिन हम सच्चाई को उजागर जरूर करते हैं चाहे परिवहन विभाग हो या फिर अन्य विभाग पूर्व वर्षों में हमने जैसा कि देखा और सुना था। कि परिवहन विभाग मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा मलाईदार विभाग एवं बदनाम विभागों में से एक था। पूर्व में रहे परिवहन विभाग में वरिष्ठ पदों पर बैठें। उच्च स्तरीय अधिकारियों ने इस विभाग की ऐसी लंका लगाई है। जिसकी कल्पना समाज में रह रहे आम नागरिकों की सोच। के परे वर्ष 2023 से पहले के अधिकारियों ने अरबों खरबों रुपये की संपत्ति इस परिवहन विभाग में रहते हुए बना डाली किसी अधिकारी ने मध्य प्रदेश क
