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अपने बनाये हुये खुद के झूटे जाल में फसे तथाकथित मीडीआ एंव ट्रान्सपोर्ट यूनीयन के भ्रष्ट नेता

 

योगेश शर्मा नाम ही काफी है सत्यमेव जयते

 

 

*खुलासा की खबर पर लगी मोहर*
*इंदौर की तथाकथित मीडिया का सच आय सामने*
खुलासा डॉट कॉम हर उस व्यक्ति व संस्था के विरुद्ध खबर चलती है जो किसी भी तरह से भ्रष्टाचार या अनैतिक काम कर रहा हो अब चाहे वो कोई पत्रकार हो या कोई मीडिया हॉउस हम तो उसकी बखिया उधेड़ देंगे ऐसी ही एक खबर हमने इंदौर के कुछ एक मीडिया हाउस की लगाई थी जिसमे हमने बताया था कि कैसे इंदौर के तथाकथित ब्लैकमेलर पत्रकार अपने आका ट्रांसपोर्टर के कहने पर एक वीडियो को इस तरह पेश किया गया कि जैसे परिवहन विभाग के जमीनी कर्मचारी उस पर अवैध वसुली का दबाब बना रहे है इसके जबाब में परिवहन विभाग ने भी एक वीडियो जारी किया है जिसमें आरोप लगाने वाला वाहन चालक कहता नज़र A रहा है कि मुझसे कोई रिस्वत की मांग नही की गई जो पैसे मुझसे मांगे जा रहे थे उसका चालान भरा गया है ओर उसकी रशीद भी मुझे दी गयी है साथ ही महिला टी एस आई द्वारा इंदौर की तथाकथित ब्लैकमेलर मीडिया को एक वीडयो जारी करके बताया गया कि चेकिंग के दौरान जिस कंटेनर को दिखा कर भृम फैलाया जा रहा था की कंटेनर को अवैध वसूली के लिए लगाया गया है उसके बारे में विस्तार से बताया कि वहां चालकों के कागजों की जिम्मेदारी भी चेकिंग करने वाले स्टाफ की होती है और कागज इधर उधर न हो इसके लिए कंटेनर में बैठ कर आराम से जांच की जा रही थी जिससे ऐसे दिखाया गया कि कंटेनर अवैध वसूली के लिए लगाया गया है । परिवहन विभाग द्वारा दिये साक्ष्यों से स्पस्ट है कि वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलर मीडिया ने अपने हिसाब से किया और परिवहन विभाग को बदनाम करा ।

*मीडिया नही माफिया है झुठवाहिनी सरिता है*
एक समय था कि जब मीडिया को समाज का आईना दिखाने वाली संस्था माना जाता था पर आज के दौर में मीडिया अपनी साख खोता जा रहा है और अब वो एक माफिया की तरह बर्ताव करने लगा है जो लोग इस मीडिया के हितों का संरक्षण करते है तथा वित्तीय लाभ देते है उनकी ओर से निष्पक्षता को ताक पर रख कर यह दल्ला मीडिया दलीलें देता है और किसी भी हद तक जाकर अपने आकाओं को खुश करता है सैकड़ों तथ्यहीन खबरे हर रोज झूँठ परोस रही हैं जिसके जंजाल में फंसकर जाने कितनी ही बार सच का दम घोट दिया जाता है सुबह किसी के द्वारा कही बात शाम को मीडिया के माध्यम से बदलते -बदलते इतनी बदल जाती है कि झूमाझटकी मारपीट और अवैध वसूली हो जाती है तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर यह मीडिया सच को सामने नही आने देता और समाज को प्रभावित करने का प्रयास करता है।जिसके चलते दिनबदिन मीडिया की साख गिरती जा रही है अब लोगों का विश्वास मीडिया की निष्पक्षता से उठता जा रहा है ऐसा नही है कि सभी पत्रकार या पूरा मीडिया इसमें संलिप्त है आज भी कई लोग ऐसे है जो अपना काम बखूबी निभा रहे है । पर अपने आकाओं मिलने वाले पैसे के दम पर पत्रकारिता के लटके झटके दिखाने वाली मीडिया ने इन सच्चे और ईमानदार पत्रकारों की चमक को थोड़ा फीका कर दिया है जैसा कि कहा जाता है कि सच परेशान हो सकता पर समाप्त नही उसी तर्ज पर यह सचे पत्रकार किसी न किसी तरह इस झुठवाहिनी मीडिया की सच्चाई सामने ले ही आते हैं

*तमाम परेशानियों के बाबजूद दृढ़ता से डटे हुए है परिवहन विभाग के टी एस आई*
परिवहन विभाग इस समय बदलाब के दौर से गुजर रहा है और इस बदलब की वजह से पहले ही बहुत दबाब इन टी एस आइयों पर है उस पर सिंडिकेट व विभाग के ही कुछ आर टी आइयों का असहयोग वाला रवैया इस दबाब को कई गुना और बढ़ा देता है पर यह तय एस आई भी जुनून के साथ अपनी ड्यूटी पूरी जिम्मेदारी से निभा रहे है इनमें से भी सेंधबा अनूपपुर शहडोल जैसे महत्वपूर्ण पॉइंटों की जिम्मेदारी तो महिला टी एस आइयों के कंधे पर है ,पर मजाल है कि कोई कमी या दबाब का असर उनपर दिख जाए अपितु जिन परिवहन सिंडिकेट के सदस्यों ने उन्हें कमजोर समझकर उनके कार्य मे बाधा पँहुचने के उद्देश्य से अपनी चहेती मीडिया से दबाब डालने की कोशिश करी तो इन्ही महिलाओं ने न केबल दबाब का सामना बेहतर तरीके से किया बल्कि परिवाद विभाग के पक्ष को बड़ी मजबूती से रखा। यह महिला टी एस आई अपने प्रवर्तन आयुक्त के मार्गदर्शन में पूरी लगन व निष्ठा से काम कर रही है इन महिलाओं का यह जज्बा काबिले तारीफ है और जिस तरह परिवहन मंत्री एंव आला अधिकारियों  ने इन महिलाओं को खुला समर्थन देकर सम्बल दिया है वो एक मिसाल है जिसकी वजह से इन टी एस आई महिला का मनोबल बढ़ा है

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